समय समय ... समय क्या है? समय एक बहती नदी है, जो अपने मार्ग मे आई हुई तमाम चीजों को लाँग कर चली जाती है। पर्वत रोके, चीरे घाटी, धार समय की रुक ना पाती। (1) समय काल का मापदंड है, तो एक अनुभव भी है। एक ही चीज की इतनी सारी परिभाषा होने के कारण समय वाकई सापेक्ष है। समय को हम सिर्फ जाते हुए देखते है, समय एक बिना चेहरे का चेहरा है। हर इंसान का अच्छा समय आता है। पर क्या ये सच नहीं है की बुरा समय अधिकतं हमारे द्वारा लिए गए कुछ गलत फ़ैसलों से ही आता है? हर दिन सूरज की पहली किरण आपके लिए एक २४ घंटों का उपहार है। आज अगर आपका समय सही नहीं चल रहा तो, पराजित न हो समय से, छोड़ दे उससे द्वंद। अरे ये तो तेरा मित्र है, मिला उसके कदम से कदम॥ (2) एक अच्छा बल्लेबाज़ सभी गेंदों पर धावा नहीं बोलता। सही गेंद पर, सही टाइमिंग से और सही ताकत से बल्ला घुमाने पर ही छक्का मिलता है। हर गेंद पर वार करके जीतने की अपेक्षा न रखे। जो कर गुजर तो बात है, न कर गुजर तो ग़म नहीं। जो कर गया हर वक्त में, ऐसा कोई रुस्तम नहीं॥ (3) कठिन समय हो या न हो, सम...
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